गांधी जी के प्रपौत्र श्री कृष्ण कुलकर्णी ने कहा राहुलगांधी नकली "गांधी",गांधी सर नेम लिखने का अधिकार राहुल को नहीं.

 

संपादन,राजेंद्र नाथ तिवारी#राहुल_गांधी द्वारा महात्मा #गांधी के प्रपौत्र को लिखा गया एक पत्र...?? जिसमें #राहुल गांधी द्वारा कहा गया कि.. RSS ने ही गांधी जी की हत्या की थी, ताकि वे भाजपा के विरुद्ध कांग्रेस का साथ देने आ जायें। इसके जवाब में गांधीजी के प्रपौत्र श्रीकृष्ण कुलकर्णी ने जवाब मे राहुल गांधी को ये खुला पत्र लिखा, जिसे उन्होंने पब्लिक डोमेन में भी प्रसारित किया था।’

प्रिय राहुल गांधी जी,

यह पत्र मैं, श्रीकृष्ण कुलकर्णी, लिख रहा हूं, जो महात्मा गांधी के प्रपौत्र होने का सौभाग्य रखता हूं। हाल ही में आपने जो बयान दिया कि "#RSS ने गांधी जी की हत्या की थी", उस पर मुझे गहरा खेद है। यह बयान न केवल ऐतिहासिक तथ्यों से परे है, बल्कि इसे बार-बार दोहराने से देश में भ्रम और गलतफहमियां फैलती हैं।

मोहनदास करमचंद गांधी की हत्या श्री नाथूराम गोडसे ने की थी, और यह तथ्य कई जांच आयोगों और ऐतिहासिक दस्तावेजों में स्पष्ट किया गया है। इन आयोगों में किसी ने भी #राष्ट्रीय_स्वयंसेवक_संघ (RSS) को गांधी जी की हत्या के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया।

मेरे दादा, स्वर्गीय रामदास गांधी, जिन्होंने अपने पिता महात्मा गांधी के जीवन और सिद्धांतों को करीब से समझा, उन्होंने भी श्री नाथूराम गोडसे को मृत्युदंड से बचाने के लिए तत्कालीन गृह मंत्री सरदार पटेल को पत्र लिखा था। यह उनके भीतर की मानवता और माफ करने की शक्ति का प्रतीक था।

1969 में जब मेरे दादा रामदास गांधी का निधन हो रहा था, उस समय नाथूराम गोडसे के छोटे भाई, गोपाल गोडसे, उनसे मिलने आए थे। मेरा परिवार इस पूरे अध्याय को पीछे छोड़ चुका है, और हमने गांधी जी की शिक्षाओं के अनुरूप आगे बढ़ने का निर्णय लिया है।

आपसे मेरा निवेदन है कि गांधी जी के नाम और उनके जीवन को बार-बार अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करना बंद करें। इतिहास को समझें, और देश के हित में आगे बढ़ें। बार-बार RSS पर आरोप लगाना ठीक वैसा ही है जैसे कहना कि "सिखों ने आपकी दादी की हत्या की थी।" लेकिन यह असत्य है, क्योंकि इसमें पूरे सिख समुदाय की भागीदारी नहीं थी।

आप गांधी परिवार से नहीं हैं। आपका परिवार और आप वर्षों से गांधी नाम का उपयोग करके देश को गुमराह करते आए हैं। गांधी उपनाम का उपयोग करना एक चालाकी भरा प्रयास है, जिसने दशकों तक भारतीय जनमानस को भ्रमित किया।

आपके दादा फिरोज खान थे, जो जूनागढ़ के नवाब खान के पुत्र थे। आपकी दादी इंदिरा गांधी ने फिरोज खान से विवाह करने के लिए इस्लाम धर्म अपनाया था। इस प्रकार, आपका डीएनए एक मिश्रण है—मुस्लिम और कैथोलिक का। न तो आप गांधी हैं, न ही हिंदू।

आपसे मेरी अपेक्षा है कि आप अब अपने वास्तविक इतिहास और पहचान को स्वीकार करें। मेरे परिवार के नाम का इस्तेमाल बंद करें और देश की जनता से माफी मांगें।

यह पत्र केवल सत्य और न्याय के लिए लिखा गया है, ताकि मेरे परिवार के नाम का दुरुपयोग और गलत व्याख्या न हो।

जय हिंद। वंदे मातरम।
आपका,
श्रीकृष्ण कुलकर्णी



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