तीन दिन तीन तीन लोगों को पीट पीट कर मार डाला गया!

यूपी में जंगलराज, तीन दिन तीन लोगों को पीट-पीट कर मार डाला गया, बर्खास्त की जाय यूपी सरकार


 


 


मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ। कुशीनगर में घर पर सो रहे शिक्षक की सोमवार सुबह गोली मारकर हत्‍या कर दी गई। इस घटना से पूरे इलाके में तनाव फैल गया है। शिक्षक की हत्‍या के बाद बदमाश उनके घर की छत पर चढ़कर हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश करने लगा। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी लेकिन करीब डेढ़ घंटे बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तब तक भीड़ अपना सब्र खो चुकी थी। प्रत्‍यक्षदर्शियों के मुताबिक हत्‍यारोपी आत्‍मसमर्पण करना चाहता था लेकिन बेकाबू भीड़ ने लाठी-डंडे से पीट-पीटकर उसे मार डाला। इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी तमाशा देखती रही। जानकारी के अनुसार तरया सुजान थाना क्षेत्र के रामपुर बंगरा निवासी सुधीर सिंह पुत्र मोहर सिंह सीमावर्ती बिहार में शिक्षक थे। सोमवार की सुबह 8 बजे के करीब  स्कूटी से आए अज्ञात हमलावर ने उनके घर में घुसकर उन पर फायर झोंक दिया। ग्रामीणों के अनुसार सुधीर को सोते समय हमलावर ने तीन गोलियां मारीं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद हमलावर ने शिक्षक के घर की छत पर चढक़र हवाई फायर करना शुरू कर दिया। जब कि सुबह यह बताया गया था कि हमलावर हत्या करके बिहार सीमा की ओर जाने वाली सड़क से भागने लगा। उसकी बाइक बुझ गयी, वह भीड़ द्वारा पकड़ लिया गया। पुलिस की उपस्थिति में ग्रामीणों ने उसकी हत्या कर दी थी। लेकिन शाम को बताया गया कि गोली चलने की आवाज सुनकर ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर पहुंचे। उन्‍होंने हमलावर की घेराबंदी करके पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बावजूद पुलिस लगभग डेढ़ घण्टे की देरी से मौके पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस को देखकर हमलावर ने दोनों हाथ ऊपर उठाकर आत्मसमर्पण करने का प्रयास किया लेकिन तब तक भीड़ बेकाबू हो चुकी थी। गुस्साई भीड़ हमलावर के ऊपर टूट पड़ी। आक्रोशित ग्रामीणों ने लाठी-डंडे से पीटकर हमलावर को मार डाला। पुलिस पूरे घटनाक्रम के दौरान लाचार नजर आई। सीओ तमकुहीराज की अगुवाई में पुलिस हत्‍यारोपी को मौके से निकालने की कोशिश में जुटी थी। लेकिन ग्रामीणों के आक्रोश के कारण कई बार संघर्ष की स्थिति आ गई। ग्रामीण किसी भी दशा में हमलावर को पुलिस को हवाले करने को तैयार नहीं थे। मौके पर अब भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। सोमवार को ही मैनपुरी में भी एक हलवाई की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।हत्या का आरोप  मोहल्ले के ही कुछ लोगों पर लगा है। बताया जा रहा है कि बेटी को बेचने के शक में उक्त लोगों ने उसे छत पर बेरहमी से पीटा था। मृतक हलवाई पड़ोसी जनपद फिरोजाबाद के सिरसागंज का रहने वाला था। वह कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला खरगजीतनगर में किराए के मकान में परिवार के साथ रहता था। कुछ दिन पहले ही उसकी पत्नी दो बच्चों के साथ मायके गई थी। उसके एक बेटी भी है, जो कई दिनों से घर पर नहीं थी। मोहल्ले में अफवाह फैल गई कि हलवाई ने अपनी बेटी को बेच दिया है। इसी शक में रविवार शाम को कुछ लोगों ने हलवाई पर हमला कर दिया, उसे बेरहमी से पीटा। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार की सुबह सकी मौत हो गई। इस संदर्भ में मैनपुरी के इंंस्पेक्टर कोतवाली ने दोका सामना को बताया कि मृतक के भाई ने तीन नामजद व अन्य के विरुद्ध अपने भाई की पीट-पीट कर हत्या करने की तहरीर दिया है। इससे पहले शुक्रवार को कन्नौज में एक सााधू की पीट-पीट कर हत्या कर देेनेे की खबर आयी थी। इस संदर्भ में पुलिस अधीक्षक कन्नौज ने बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव भाऊ खुर्द निवासी सालिगराम दुबे व स्वर्गीय गोकुल सन्यास लेकर गांव के बाहर कुटिया डाल कर रहते थे। बताते हैं कि उनके कुटिया में घुस कर अमर सिंह के बेटे ने मोबाइल चोरी कर लिया। जिसे कुछ बच्चों ने देख लिया। इसकी शिकायत लेकर वह अमर सिंह के घर गए। जहां अमर सिंह की पत्नी से उनकी कहा-सुनी हो गयी।  इसकी सूचना अमर सिंह के परिवार के लोगों को हुई। वह लोग गोकुल के घर पर जाकर लड़ाई करने लगे।इस दौरान उन लोगों ने उसकी पिटाई कर दी, वह घायल हो गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी।वह सााधू नहीं थे, निसंतान गृहस्थ थे।अपने भतीजे को गोद ले रखा था। अमर सिंह के परिजनों के विरुद्ध हत्या व एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा लिख लिया गया है। 


 


रविवार को लखीमपुर जिले में जमीन के विवाद के बाद हुई निघासन में तीन बार कर पूर्व विधायक रहे निर्वेन्द्र मिश्रा की मौत के बाद सियासत गर्मा गई है। विपक्ष इसे पीट-पीट कर हत्या बता कर राजनीति गरम कर दिया है। प्रशासन ने पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का हवाला देकर स्पष्ट किया कि पूर्व विधायक की मौत हार्ट अटैक से हुई। उनके शरीर पर किसी तरह की गंभीर चोट नहीं दिखी। लेकिन आज भी कई विपक्षी दल ने इसे सामान्य मौत मानने से इनकार कर रहे हैं। जल्द ही विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने इस घटना की उच्य स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा यूपी में जंगलराज है। यहां तीन दिन से लगातार भीड़ द्वारा पीट-पीट कर लोग मारे जा रहे हैं और सरकार कोरोना काल में घोटालों में मस्त है। कितनों जिलों से कोविड सामग्री की खरीद में घोटाले की आवाज उठायी गयी है। भाजपा की सरकार में हिम्मत हो तो सीबीआई जांच करा दे। राज्यपाल से हमारी मांग है कि जनहित में उत्तर प्रदेश की सरकार को बर्खास्त कर यूपी की जनता को अराजकता के माहौल से बचा लें।


 


 


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